Your browser does not support JavaScript!

First Floor, Pant Properties, Plot No. 2 & 3, A-1 Block, Budh Bazar Rd, Gandhi Chowk, Mohan Garden, Uttam Nagar, New Delhi, Delhi 110059 110059 Delhi IN
Bookish Santa
First Floor, Pant Properties, Plot No. 2 & 3, A-1 Block, Budh Bazar Rd, Gandhi Chowk, Mohan Garden, Uttam Nagar, New Delhi, Delhi 110059 Delhi, IN
+918851222013 https://www.bookishsanta.com/s/63fe03d26a1181c480898883/63ff598ca28ce28f2242c957/logo_red-480x480.png" [email protected]
9788126727940 6422c0efd6b8b60283322ced Andhavishwas Unmoolan : Vol. 3 : Siddhant https://www.bookishsanta.com/s/63fe03d26a1181c480898883/6422c0f0d6b8b60283322d30/book-rajkamal-prakashan-9788126727940-18732012175526.jpg अंधविश्वास उन्मूलन और डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं ! निरंतर 25 वर्षों की मेहनत का फल है यह ! अंधविश्वास उन्मूलन का कार्य महाराष्ट्र में विचार, उच्चार, आचार, संघर्ष, सिद्धांत जैसे पंचसूत्र से होता आ रहा है ! भारतवर्ष में ऐसा कार्य कम ही नजर आता है ! अन्धविश्वास उन्मूलन : सिद्धांत पुस्तक में गहन विचार मंथन है| ईश्वर, धर्म, अध्यात्म, धर्मनिरपेक्षता जैसे विषयों पर समाज-सुधारकों और विवेकवादी चिंतकों ने समय-समय पर जो विचार व्यक्त किये, उनके मतभेदों को आन्दोलन के अनुभवों के आधार पर और व्यक्तिगत चिंतन द्वारा परिभाषित किया गया है| ईश्वर के अस्तित्व पर विचार करते हुए लेखक का मुख्य उद्देश्य है कि—‘व्यक्ति को विवेकशील बनाकर ही विवेकवादी समाज-निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है|’ अन्धविश्वास के तिमिर से विवेक और विज्ञान के तेज की और ले जानेवाली यह पुस्तक परंपरा का तिमिर-भेद तो है ही, विज्ञान का लक्ष्य भी है ! 9788126727940
in stock INR 140
Rajkamal Prakashan
1 1

अंधविश्वास उन्मूलन और डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं ! निरंतर 25 वर्षों की मेहनत का फल है यह ! अंधविश्वास उन्मूलन का कार्य महाराष्ट्र में विचार, उच्चार, आचार, संघर्ष, सिद्धांत जैसे पंचसूत्र से होता आ रहा है ! भारतवर्ष में ऐसा कार्य कम ही नजर आता है ! अन्धविश्वास उन्मूलन : सिद्धांत पुस्तक में गहन विचार मंथन है| ईश्वर, धर्म, अध्यात्म, धर्मनिरपेक्षता जैसे विषयों पर समाज-सुधारकों और विवेकवादी चिंतकों ने समय-समय पर जो विचार व्यक्त किये, उनके मतभेदों को आन्दोलन के अनुभवों के आधार पर और व्यक्तिगत चिंतन द्वारा परिभाषित किया गया है| ईश्वर के अस्तित्व पर विचार करते हुए लेखक का मुख्य उद्देश्य है कि—‘व्यक्ति को विवेकशील बनाकर ही विवेकवादी समाज-निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है|’ अन्धविश्वास के तिमिर से विवेक और विज्ञान के तेज की और ले जानेवाली यह पुस्तक परंपरा का तिमिर-भेद तो है ही, विज्ञान का लक्ष्य भी है !
Author NarendraDabholkar
Language Hindi
Publisher Rajkamal Prakashan
Isbn 13 9788126727940
Pages 160
Binding Paperback
Stock TRUE
Brand Rajkamal Prakashan