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Birju Maharaj: Mere Guru Meri Nazar mein (Birju Maharaj: The Master Through My Eyes) - (Bahuvachan) -Hindi

Original price Rs. 995.00
Current price Rs. 746.25

पं. बिरजू महाराज न केवल एक बेजोड़ कथक नर्तक अपितु एक शानदार गायक, उदार शिक्षक, और कल्पनाशील चित्रकार भी हैं। यह पुस्तक हमें बताती है कि भारतीय नृत्य का यह प्रतीक, जो हज़ारों लोगों का मार्गदर्शक और दुनिया भर में अनगिनत लोगों की प्रेरणा है, वास्तव में अपनी कलात्मक दुनिया के बाहर एक सहज, सरल व्यक्ति है। दुर्लभ छायाचित्रों से परिपूर्ण यह पुस्तक एक ऐसे महान कलाकार के प्रति हृदयानुभूत श्रद्धा की अभिव्यक्ति है, जिसकी अनेक उपलब्धियाँ न केवल भारत में, अपितु पूरे विश्व में उल्लेखनीय हैं। जिनके अथक प्रयासों ने अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है और शास्त्रीय नृत्य रूप कथक के बारे में जागरूकता का प्रचार-प्रसार िकया है। दंतकथा बन चुके कथक सिरमौर पंडित बिरजू महाराज के इस संस्मरण में उनके व्यक्तित्व की एक-एक परत– उनकी सादगी, उनकी विनम्रता, उनकी उदारता– खुल कर सामने आती है। क़रीब 45 वर्षों से अधिक उनके सानिध्य में रह कर उनकी सबसे प्रमुख शिष्या शाश्वती सेन ने पं. बिरजू महाराज को जैसा देखा, समझा और जाना है, उसे स्पष्ट शब्दों बयाँ करने का भरसक प्रयास किया है।

Pandit birju Maharaj is not only an unmatched Kathak dancer but also a superb vocalist, a generous teacher, and an imaginative painter. The book reveals how this icon of Indian dance, who is a mentor for thousands and an inspiration for countless people across the globe, is actually an unassuming, simple person outside his artistic world. Accompanied by rare photographs, this is a heartfelt tribute to a man who, among his many achievements, has spread awareness about the classical dance form of Kathak, not only in India, but abroad while touching innumerable lives along the way. This memoir of the legendary Kathak maestro Pandit birju Maharaj presents layers of his personality simplicity, modesty, generosity—as witnessed by one of his foremost disciples, Saraswati Sen, who has known him for over forty-five years.

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