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Magadhnama

(Paperback Edition)

by KumarNirmalendu
Original price Rs. 600.00
Current price Rs. 480.00


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म अपने आरम्भिक दिनों में वैदिक आर्य संस्कृति के प्रभाव से मुक्त रहा है । तब वह 'व्रात्य-सभ्यता' का केन्द्र हुआ करता था । वैसे आगे चलकर च्यवन और दधीचि जैसे ऋषियों का जन्म म में ही हुआ । अथर्ववेद की रचना भी यहीं हुई । म की धरती पर तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को तत्वज्ञान हुआ, चौबीसवें तीर्थंकर वर्द्धमान महावीर को कैवल्य ज्ञान मिला; और गौतम सिद्धार्थ क्रो बुद्धत्व की प्राप्ति भी हुई । म की धरती पर यदि शूरवीरों की तलवारों की झंकार गूँजी; तो पूरी दुनिया को प्रेम, सत्य और अहिंसा का संदेश देने वाले बुद्ध और महावीर की अमृतवाणी भी मुखरित हुई । महावीर ने राजगृह में पहला सामूहिक उपदेश दिया; और राजगृह के समीप पावापुरी में राजा संस्थिपाल के राजभवन में उनका देहान्त हुआ । कुल चौबीस जैन तीर्थकरों में से दो को छोड़कर अन्य सभी ने म की धरती पर ही निर्वाण प्राप्त किया । यहीं खगोलविद आर्यभट पैदा हुए और गदूयकवि बाणभट्ट भी । यहाँ चाणक्य और कामन्दक जैसे कूटनीति-दक्ष आचार्य हुए; तो जीवक और धनवन्तरि जैसे आयुर्वेदाचार्य भी । बिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयिन,कालाशोक, महापदयनंन्द, चन्द्रगुप्त मौर्य,अशोक, पुष्यमित्र शुंभ, चन्द्रगुप्त प्रथम,समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य जैसे प्रतापी राजाओं की एक लम्बी श्रृंखला है,जिनकी जन्मदात्री होने पर किसी को भी गर्व हो सकता है ।


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More Information:
Publisher: Lokbharti Prakashan
Language: Hindi
Binding: Paperback
Pages: 447
ISBN: 9789388211611

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