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Pahali Barish

(Paperback Edition)

by AzizNabeel
Original price Rs. 150.00
Current price Rs. 120.00


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उर्दू में दुनिया की अहम तरीन शायरी मौजूद है, मैंने बहुत सारी ज़बानों की शायरी पढ़ी है लेकिन उर्दू शायरी की खूबसूरती और दिलकशी सबसे अलग है। नई उर्दू शायरी की मोतबर और तवाना आवाज़ों में अज़ीज़ नबील का नाम बहुत अहम है। उनकी शायरी में नाज़ुक ख्यालात की खुशबू, नए एहसासात की रोशनी और जि़न्दगी के मुख्तलिफ इन्किशाफात के रंग बखूबी देखे और महसूस किए जा सकते हैं। अज़ीज़ नबील की शायरी में जो बात सबसे ज़्यादा अपील करती है, वो ये है कि वह अपनी बातें सीधे-सीधे ना करते हुए अलामतों और तशबीहात के बहुत खूबसूरत इस्तिमाल से करते हैं, जिसकी वजह से उनके एक शे’र से ब-य-वक्त कई-कई मतलब निकाले जा सकते हैं। एक और खास बात ये है कि अज़ीज़ नबील की शायरी का डिक्शन और उस्लूब उनका अपना है। उन्होंने इस्तिमाल-शुदा रास्तों से बचते हुए अपने लिए कुछ इस तरह एक अलग राह निकाली है कि जि़न्दगी को शायरी और शायरी को जि़न्दगी में शामिल करके पेश कर दिया है। —जस्टिस मार्कंडेय काटजू इक्कीसवीं सदी तेज़ी से बदलते हुए अकदार की सदी है, इस सदी में उर्दू शायरी की जो आवाज़ें बुलन्द हुई हैं, उनमें अज़ीज़ नबील का नाम तवज्जो का हामिल है। क्लासिकी अदब से वाबस्तगी और इस अहद की हिस्सियत की आमेजि़श ने उनकी शायरी को पुरकशिश बना दिया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि सादा ज़बान और खूबसूरत अलामतों के फनकाराना इस्तिमाल से पुर इस शायरी को कारईन पसन्द फरमाएँगे। —जावेद अख्तर.


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More Information:
Publisher: Radhakrishna Prakashan
Language: Hindi
Binding: Paperback
Pages: 131
ISBN: 9788183619257

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